वंदे मातरम : भाग 2
जय हिन्द मित्रों। वंदे मातरम गीत की यात्रा को आगे बढ़ाते हैं। जब हिंदुस्तान पर अंग्रेजों का अधिकार हो गया। तो ब्रिटिश हुकूमत ने सरकारी समारोह में "save the queen" गीत को गाना अनिवार्य कर दिया। क्योंकि ब्रिटिश राज में queen अर्थात् रानी का शासन होता था। और इस गीत में रानी की दीर्घायु के लिए प्रार्थना होती थी। यह घटना ब्रिटिश राज के एक सरकारी अधिकारी के हृदय पर प्रहार कर गई। और वह सरकारी अधिकारी कोई और नहीं, *बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय* थे। उन्होंने इस इस गीत के विकल्प में एक नए गीत की रचना की। इस गीत की रचना उन्होंने संस्कृत और बांग्ला भाषा के मिश्रण से की। और यह गीत सर्वप्रथम उनके ही लिखे गए उपन्यास *आनंद मठ में* उन्होंने शामिल किया। यह बांग्ला उपन्यास जमींदारों और अंग्रेज़ी शासन के अत्याचारों से त्रस्त होकर उठ खड़े हुए सन्यासी विद्रोह पर आधारित था। इस उपन्यास में *भवानंद* नामक एक सन्यासी विद्रोही इस गीत को गाता है। मित्रों फिर यह गीत हर देशप्रेमी की जुबां पर चढ गया। स्वतंत्रता संग्राम में इस गीत ने निर्णायक भूमिका निभाई। हर क्रांतिकारी इस गीत से जुड़ गया। यह गीत ब्रिटिश ह...